ब्रेथ ईजी के वरिष्ठ टी.बी, श्वास एवं फेफड़ा रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.के पाठक ने एक वार्ता में बताया कि –“कोरोना ने देश में जमकर कहर बरपाया हैं, जिससे हजारों लोगों की वायरस की चपेट में आकर मौत हो गई, जबकि लाखों संख्या में लोग संक्रमित हो गए I पिछले कुछ दिनों से इन्फ्लूएंजा एच3एन2 वायरस के केस तेजी से बढ़ रहे हैं, इस वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों में सांस की गंभीर समस्या देखने को मिल रही है, इसमें तेज बुखार, खांसी, सांस फूलना और घरघराहट जैसे लक्षण दिख रहे हैं I”
डॉ. पाठक बताते हैं कि – “इसके लक्षण भी कोरोना के लक्षण जैसे मिलते जुलते हैं, इसीलिए हम लोग इसमें भी कोविड प्रोटोकॉल को ही पालन करने के लिए कह रहे हैं, जिसके जरिए इस नए वायरस के संक्रमण से बचा जा सकता हैं I” डॉ पाठक आगे बताते हैं कि – “आजकल के ओ.पी.डी में मैसमी बिमारियों से ग्रसित मरीज (सांस फूलना, कई दिनों की सर्दी, उलटी, दस्त, बलगम, बुखार) की समस्या लेकर अधिक आ रहे हैं, जिसके लक्षण इन्फ्लुएंजा के लक्षण से मिलते-जुलते हैं, ऐसे लोगो को दवा के साथ-साथ कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए भी कहा जा रहा हैं I”
डॉ पाठक बताते हैं कि – “यदि आप उच्च जोखिम में नहीं हैं, तो भी ये सावधानियां बरतें: भीड़ वाले क्षेत्रों में कुछ भी न खाएं न पिएं, भीड़ वाले क्षेत्रों में खिलौने, कप, बच्चे की बोतलें जैसी वस्तुएं न लें। भीड़ वाले क्षेत्रों के संपर्क में आने से पहले और बाद में अपने हाथों को साबुन और बहते पानी से धोएं। यदि साबुन और पानी उपलब्ध नहीं है, तो अल्कोहल-आधारित हैंड रब का उपयोग करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी दवा न ले, अगर छीक आती हैं तो मुह पे रुमाल रखे, पहले से बीमार लोगो के संपर्क में आने से बचे और भीड़ वाले क्षेत्रों में जाने पर मास्क का प्रयोग अवश्य करे I “
डॉ. पाठक आगे बताते हैं कि – “श्वसन तंत्र को आराम देने के लिए भाप लेना बेहद कारागर माना जाता है I चिकित्सकीय सलाह पर दवा डालकर भाप लेने के बहुत फायदे होते हैं, यदि दवा भी नहीं डाल पाएं हैं और गर्म पानी की भाप ले रहे हैं तो इससे भी श्वसन तंत्र के जरिए होने वाले रिस्क फैक्टर काफी कम हो जाते हैं I”
धन्यवाद
मिडिया प्रभारी (ब्रेथ ईजी)
मो: 8933050004

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